तुमसे बात किए बिना जाने क्यों मेरी रात नही होती
तुम पास नही दूर हो पर क्यो साथ नही होती
खुदा वो ख्वाब ही क्यों दिखाता है जो सच नहीं होने
सच्चे इश्क़ की कभी मुकम्मल मुलाक़ात नही होती
कभी जो ख्वाब में आये और सीने से लिपट जाये
दोस्ती ऐसे वादों की मोहताज नही होती
रिश्ता निभाना हो तो आखिरी सांस तक निभाना
हर किसी की किस्मत में राठौड़ की जात नही होती
कभी बैठो मेरे पास भी कुछ लम्हें मेरे नाम करदो
हर कहानी में जिस्म की प्यास नहीं होती
दिल देना हो तो सोच समझकर देना ए दोस्त
राठौड़ से दोस्ती में जुदाई की गुंजाईश नहीं होती !

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