Google, Facebook, Social Sites or History भरी पड़ी हैं “माँ” पर लिखी गई कविताओं , लेखों, कहानियों ओर विचारों से । हो भी क्यो नहीं , मां का दर्जा सबसे ऊंचा जो हैं । यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः अर्थात जहाँ नारियों की पूजा होती है वहा देवता निवास करते हैं । सही मायनों में माँ ही देवता है , मां की कुर्बानियां , वात्सल्य, मातृत्व, प्रेम , समर्पण और जाने कित…
Read moreतुमसे बात किए बिना जाने क्यों मेरी रात नही होती तुम पास नही दूर हो पर क्यो साथ नही होती खुदा वो ख्वाब ही क्यों दिखाता है जो सच नहीं होने सच्चे इश्क़ की कभी मुकम्मल मुलाक़ात नही होती कभी जो ख्वाब में आये और सीने से लिपट जाये दोस्ती ऐसे वादों की मोहताज नही होती रिश्ता निभाना हो तो आखिरी सांस तक निभाना हर किसी की किस्मत में राठौड़ की जात नही होती कभी बैठो मेरे पास भी कुछ …
Read moreमैं कोई बड़ा लेखक नहीं ना ही कोई शायर हूँ , बस दिल से लिख देते हैं दिमाग से सोचते तो व्यापारी होते ! शायरी और इश्क़ के दीवाने हैं हम दुनियादारी से अनाड़ी हैं हम दिलों में बस जाने की अद्भुत बीमारी हैं हमें आपके प्यार और आशीर्वाद की अपेक्षा रखती हैं हमारी कलम !
Read moreकहते है कि अगर जिंदगी में कुछ करना है , शिखर पे पहुँचना हैं , सर्वोच्च सफलता प्राप्त करनी हैं तो जीवन मे एक लक्ष्य बनाना आवश्यक हैं । लक्ष्य बनाने के लिए सपने देखना , तभी तो हम उन सपनों को पूरा करने के लिए एक लक्ष्य बनाकर योजना बना पाएंगे कि लक्ष्य की ओर पगडंडी का निर्माण कैसे किया जाए । मेरे भी कुछ ख्वाब है पर मैं ये सोचता हूं… जो पूरा हो जाये वो ख्वाब कैसा !
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